देहलवी रेमेडीज़ प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं वर्ल्ड यूनानी फाउंडेशन के अध्यक्ष हकीम मोहसिन देहलवी ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली में आयोजित Annual Conference on Healthcare, Wellness Tourism and Hospitality (ACHWTH 2026) में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। इस सम्मेलन का आयोजन जामिया के डिपार्टमेंट ऑफ हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड हॉस्पिस स्टडीज़ तथा डिपार्टमेंट ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट द्वारा किया गया।

सम्मेलन का विषय “Care without Borders: Innovation to Global Healthcare Ecosystem” (सीमाओं से परे स्वास्थ्य सेवाएं: वैश्विक स्वास्थ्य सेवा तंत्र के लिए नवाचार) था। इसमें शिक्षाविदों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। सम्मेलन में स्वास्थ्य सेवा, आयुष और वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।

अपने संबोधन में हकीम मोहसिन देहलवी ने निवारक स्वास्थ्य सेवा (Preventive Healthcare) के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां, विशेष रूप से यूनानी और आयुर्वेद, महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

यूनानी फार्मास्युटिकल उद्योग में चार दशकों से अधिक के अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने यूनानी चिकित्सा के भविष्य के लिए तीन आवश्यक स्तंभों को रेखांकित किया—परंपरा, विज्ञान और नवाचार

उन्होंने कहा कि सदियों से संचित ज्ञान और अनुभव परंपरा को मजबूत आधार प्रदान करते हैं, जबकि शोध, मानकीकरण और गुणवत्ता आश्वासन के माध्यम से विज्ञान विश्वसनीयता स्थापित करता है। वहीं, नवाचार यूनानी चिकित्सा के आधुनिकीकरण और इसे व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने के नए अवसर पैदा करता है।

अपनी सोच को संक्षेप में व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा:

“परंपरा हमें आधार प्रदान करती है, विज्ञान हमारी विश्वसनीयता को मजबूत करता है और नवाचार भविष्य के लिए नए अवसरों का सृजन करता है।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक चिकित्सा के विरोध में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। इसके बजाय वैज्ञानिक प्रमाणों, गुणवत्ता मानकों और रोगी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पारंपरिक एवं आधुनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के बीच जिम्मेदार सहयोग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

भारत की वैश्विक वेलनेस टूरिज्म केंद्र के रूप में बढ़ती संभावनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने देश की पारंपरिक चिकित्सा, योग, ध्यान और समग्र स्वास्थ्य पद्धतियों की समृद्ध विरासत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वेलनेस टूरिज्म के सफल विकास के लिए योग्य चिकित्सकों, पेशेवर प्रबंधन वाली स्वास्थ्य सुविधाओं, उच्च स्तरीय आतिथ्य सेवाओं, नैतिक कार्यप्रणाली और गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल की आवश्यकता है।

उन्होंने भारत सरकार द्वारा 27 जुलाई 2023 को आयुष वीज़ा (AYUSH Visa) शुरू किए जाने की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने इसे भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के अंतर्गत उपचार प्राप्त करने के इच्छुक अंतरराष्ट्रीय मरीजों को आकर्षित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। उनके अनुसार, विश्वसनीय उपचार केंद्रों, योग्य चिकित्सकों, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता और उचित स्वास्थ्य सेवा मानकों के सहयोग से यह पहल भारत को पारंपरिक चिकित्सा एवं समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मददगार हो सकती है।

भविष्य की दिशा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, आयुष चिकित्सकों, फार्मास्युटिकल उद्योग तथा पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र के बीच व्यापक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भारत की अंतरराष्ट्रीय वेलनेस क्षेत्र में स्थिति मजबूत करने के लिए प्रमाण-आधारित शोध, व्यावसायिक शिक्षा, गुणवत्ता आश्वासन और जिम्मेदार वैश्विक प्रचार-प्रसार को प्रमुख प्राथमिकताएं बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया जैसे शैक्षणिक संस्थान विभिन्न विषयों और क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर एकीकृत एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्वास्थ्य सेवा और वेलनेस तंत्र विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने दोहराया कि पारंपरिक चिकित्सा का भविष्य अपनी समृद्ध विरासत को संरक्षित रखते हुए उसे वैज्ञानिक शोध, व्यावसायिक उत्कृष्टता और नवाचार के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाने में निहित है।

अंत में उन्होंने सम्मेलन के आयोजकों को स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाने के लिए बधाई दी। साथ ही, आशा व्यक्त की कि यह सम्मेलन भारत के स्वास्थ्य सेवा और वेलनेस क्षेत्र के विकास के लिए सार्थक सहयोग और व्यावहारिक पहलों का मार्ग प्रशस्त करेगा।