हरिद्वार में कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक सुविधाओं का निरीक्षण तेज कर दिया है। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि आयोजन से पहले सड़क, पार्किंग, यातायात और साफ-सफाई से जुड़े काम समयसीमा में पूरे हों। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था का परीक्षण केवल मेले के दौरान नहीं, उससे पहले भी किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख रास्तों और सार्वजनिक स्थलों की स्थिति की समीक्षा की गई। पार्किंग स्थलों को व्यवस्थित करने और रास्तों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य भीड़ के समय आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखना और पैदल यात्रियों को सुरक्षित स्थान देना है। स्थानीय दुकानदारों तथा निवासियों के लिए भी स्पष्ट सूचना और चरणबद्ध कार्रवाई जरूरी होगी।
कुंभ जैसे बड़े आयोजन में परिवहन व्यवस्था, अस्थायी संकेतक, पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सहायता एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। किसी एक हिस्से में देरी होने पर उसका असर पूरे यातायात तंत्र पर पड़ सकता है। इसलिए विभागों के बीच साझा नियंत्रण कक्ष और रोजाना प्रगति समीक्षा भीड़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बना सकती है।
प्रशासन सांस्कृतिक स्थलों और संग्रहालयों को यात्रा अनुभव से जोड़ने की योजना पर भी विचार कर रहा है। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को धार्मिक आयोजन के साथ क्षेत्र की विरासत समझने का अवसर मिलेगा। आने वाले महीनों में विस्तृत रूट प्लान, पार्किंग सूचना और सुरक्षा निर्देश जारी होने पर यात्रियों को अपनी यात्रा उसी के अनुसार तैयार करनी चाहिए।
